Connect with us

पंजाब

अमन अरोड़ा का तंज – “सिक्योरिटी हटते ही कांग्रेस, अकाली, बीजेपी एकजुट, लेकिन पंजाबियों के हक के लिए कब इकट्ठे होंगे?”

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया की सिक्योरिटी मामले पर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने विरोधियों को घेरा और सवाल उठाया कि विपक्षी पार्टियों को एक ड्रग माफिया के प्रति इतनी हमदर्दी क्यों हो रही है?

अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से यह कहती रही है कि पंजाब में नशे के व्यापार में सभी रिवायती पार्टियां समान रूप से शामिल है और आज यह बात साबित हो गई है।

अमन अरोड़ा ने तीनों पार्टियों से सवाल करते हुए कहा कि जिस तरह एक ड्रग माफिया की सिक्योरिटी हटाए जाने पर कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी तीनो पार्टियां इकट्ठी हो गई है, ऐसा पंजाबियों के हक लिए कभी इकट्ठे क्यों नहीं होते? इससे स्पष्ट होता है कि ये पार्टियां पंजाब से नशे को खत्म होते नहीं देखना चाहती।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा युद्ध चल रहा है। पूरे राज्य में ड्रग तस्करों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन इन पार्टियों को नशा फैलाने वाले और नौजवानों का जीवन बर्बाद करने वाले व्यक्ति की चिंता हो रही है।

उन्होंने कहा कि एक ड्रग माफिया को प्रधानमंत्री के स्तर की सुरक्षा दी गई थी, जबकि उसे इस तरह की सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां चाहे जितनी कोशिश कर ले, नशे के खिलाफ आप सरकार की लड़ाई जारी रहेगी। नशे से जुड़े किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा चाहे वो कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों न हो।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंजाब

सांसद राघव चड्ढा ने भारत पर लगाए अमेरिकी टैरिफ और स्टारलिंक की एंट्री को लेकर केंद्र से पूछे तीखे सवाल, कहा- स्टारलिंक को “बर्गेनिंग चिप” की तरह करें इस्तेमाल*

संसद में AI क्रांति पर बोले सांसद राघव चड्ढा, कहा- चाइना के पास डीपसीक, अमरीका के पास chatGPT, भारत कहां खड़ा है?

राज्यसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने भारत में अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक की एंट्री और अमेरिका की तरफ से भारतीय सामान पर लगाए गए टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। चड्ढा ने स्टारलिंक को मंजूरी देने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और इसके संभावित दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की है। यह चर्चा उस समय हुई जब भारत सरकार स्टारलिंक को देश में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है।

सरकार ने गूगल टैक्स किया माफ

राघव चड्ढा ने अपने सवालों को बेहद जोरदार तरीके से संसद में रखते हुए कहा कि भारत ने हमेशा अमेरिका के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी दिखाई है। हाल ही में वित्त मंत्री द्वारा फाइनेंस एक्ट में संशोधन कर गूगल टैक्स यानी और इक्विलाइजेशन लेवी को हटाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इससे अमेरिकी कंपनियों जैसे मेटा, अमेजन और गूगल को फायदा मिला, लेकिन भारत को लगभग 3000 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ। लेकिन इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी का टैरिफ लगा दिया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। चड्ढा ने इसे भारत के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इससे हमारी जीडीपी पर 50 से 100 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है।

भारत-अमेरिका के रिश्तों पर कसा तंज

राघव चड्ढा ने कहा, “हमने अमेरिका का दिल जीतने के लिए सब कुछ किया। लेकिन बदले में अमेरिका ने 26 फीसदी टैरिफ लगाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका दिया। उन्होंने भारत-अमेरिका के रिश्तों पर तंज कसते हुए कहा, “अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का, यार ने ही लूट लिया घर यार का।”

स्टारलिंक को “बर्गेनिंग चिप” की तरह करें इस्तेमाल

राघव चड्ढा ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को दी जाने वाली मंजूरी रोकनी चाहिए और उसका इस्तेमाल अमेरिका से फिर से टैरिफ को लेकर बातचीत में “बर्गेनिंग चिप” के तौर पर करना चाहिए।

ड्रग तस्करों के पास से मिला था स्टारलिंक

अपने भाषण के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने स्टारलिंक को लेकर कुछ चिंताजनक घटनाओं का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के दौरान एलन मस्क ने खुद सोशल मीडिया पर कहा था कि “स्टारलिंक यूक्रेनियन आर्मी की रीढ़ है, अगर मैं इसे बंद कर दूं तो पूरी फ्रंटलाइन धराशायी हो जाएगी।”

उन्होंने कहा कि भारत को भी इससे सतर्क रहना चाहिए क्योंकि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा सर्वोपरि है।

उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि कुछ महीने पहले अंडमान में 6000 किलो सिंथेटिक ड्रग्स की जब्ती के दौरान यह पाया गया कि म्यांमार के ड्रग तस्करों ने नेविगेशन के लिए स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल किया था।
वहीं, जब भारत सरकार ने इस बारे में डेटा और डिवाइस की जानकारी स्टारलिंक से मांगी, तो कंपनी ने डेटा प्राइवेसी लॉ का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया।

कैसे निपटेगी भारत सरकार

राघव चड्ढा ने पूछा, “जब एक विदेशी कंपनी भारत के कानून और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं करती, तो ऐसे में सरकार क्या योजना बना रही है?” उन्होंने सरकार से दो प्रमुख सवाल पूछे – पहला, सरकार स्टारलिंक जैसी कंपनियों से आने वाले प्रतिरोध से कैसे निपटेगी? और दूसरा, सरकार सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के संभावित दुरुपयोग से कैसे निपटेगी?

सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि वे हर उस मुद्दे को सदन में उठाते रहेंगे, जो भारतीय हितों और भारत की आर्थिक संप्रभुता को प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सवाल किसी कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और डेटा नीति की मजबूती के लिए है।

Continue Reading

पंजाब

खालिस्तानी समर्थक पन्नू को आप नेताओं ने दिया मुंह तोड़ जवाब

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने गुरपतवंत पन्नू द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ने वाले बयान की सख्त निंदा की है और उसे दलित, संविधान और देशविरोधी करार दिया।

जालंधर में आप नेता पवन कुमार टीनू ने इस मुद्दे पर आप विधायक बलकार सिंह और आप नेता राजविंदर कौर थियाड़ा, चंदन ग्रेवाल, आत्म प्रकाश बब्लू, दिनेश ढल्ल, चरणजीत चन्नी, दीपक शारदा और तरनदीप सिंह सनी के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।

टीनू ने कहा कि विदेश में बैठे भगोड़े गुरपतवंत पन्नू का घिनौना बयान सिर्फ बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ नहीं है। यह दलित भाईचारे और संविधान के भी खिलाफ है। डॉ भीमराव अंबेडकर सिर्फ दलित के नहीं बल्कि पूरे देश के हीरो हैं। डॉ अंबेडकर देश का संविधान बनाकर सभी लोगों को समानता का अधिकार दिया। अगर आज देश एक है तो वह संविधान के कारण है।

टीनू ने कहा कि गुरपतवंत पन्नू को डॉ अंबेडकर का देश के प्रति योगदान के बारे में कुछ नहीं पता है। उसे सिख धर्म के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि सिख धर्म ‘सरबत दा भला’ की बात करता है और सभी लोगों को एकसमान मानता है। गुरु गोविंद सिंह जी ने तो दलितों को ‘रंगरेटा गुरु का बेटा’ का खिताब दिया था।

उन्होंने कहा कि पन्नू अमेरिका में बैठकर अक्सर भारत को तोड़ने की बातें करता है, लेकिन हम उसे चुनौती देते हैं कि अगर इतने ही बहादुर हो तो भारत आओ और यहां आकर अपनी बात रखो। वहां बैठकर यहां के लोगों को मत भड़काओ। टीनू ने कहा कि जो उसने धमकियां दी है उसका जवाब आम आदमी पार्टी ठोक कर देगी।

टीनू ने सवाल उठाया कि कुछ लोग अक्सर दलित अंबेडकर और संविधान विरोधी बातें सार्वजनिक तौर पर करते हैं और समाज का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। इसलिए भारत सरकार को यह पता लगाकर रह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे लोगों के उसके पीछे कौन सी एजेंसी या कौन सी राजनीतिक शक्ति काम कर रही है।

हमारी केंद्र सरकार से भी अपील है कि अगर पन्नू केंद्र की एजेंसियों की कठपुतली नहीं है तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई कर उसको भारत लेकर आना चाहिए। आप नेता ने गृहमंत्री अमित शाह के संसद में दिए डॉक्टर अंबेडकर के खिलाफ दिए अपमानजनक बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि इन बयानों से काफी संदेह पैदा होता है। इसलिए केंद्र सरकार को इसपर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और इस मामले की गहनता पूर्वक जांच करनी चाहिए।

मीडिया को संबोधित करते हुए आप विधायक बलकार सिंह ने कहा कि पन्नू पंजाब का माहौल और आपसी भाईचारा खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर ने सिर्फ दलितों को ही अधिकार नहीं दिया है, उन्होंने सभी धर्मों और जाति के लोगों को संवैधानिक तौर पर वोट डालने का अधिकार समेत अन्य मूल अधिकार दिया। इसलिए पन्नू का बयान उसकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि 14 तारीख को उसने बाबासाहेब की मूर्तियों को तोड़ने की जो धमकी दी है, उसे हम नाकाम करेंगे। पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता डॉ अंबेडकर की मूर्ति के पास पहरा देंगे उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे।

Continue Reading

पंजाब

आप का पलटवार – “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहल का राजनीतिकरण क्यों?” डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पर साधा निशाना!

आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में सरकारी स्कूलों में सुधार लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण शिक्षा सुधारों का विरोध करने के लिए डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की कड़ी आलोचना की है। आप के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए की गई पहल का राजनीतिकरण करने के प्रयास के लिए टीचर्स फ्रंट की निंदा की।

नील गर्ग ने कहा कि अगर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट को राजनीति में इतनी दिलचस्पी है, तो उसे पंजाब की शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलावों में बाधा डालने के बजाय खुले तौर पर खुद को एक राजनीतिक पार्टी घोषित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, सरकारी स्कूलों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देना स्थानीय प्रतिनिधियों और गांव के सरपंचों से लेकर विधायकों तक की जिम्मेदारी है। स्कूल के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक मानकों के उत्थान के लिए उनकी भागीदारी आवश्यक है।

पंजाब सरकार के नवीनतम निर्देश पर प्रकाश डालते हुए गर्ग ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की निगरानी अब विधायकों और मंत्रियों द्वारा की जा रही है, जो विकास कार्यों की समीक्षा करने और पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इसे एक प्रगतिशील कदम बताया जो जवाबदेही सुनिश्चित करता है और सरकारी स्कूलों के समग्र प्रशासन में सुधार करता है।

गर्ग ने कहा, “यह पहल शिक्षा प्रणाली में सार्वजनिक और सामुदायिक भागीदारी को काफी मजबूत करेगी। शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल मामलों की देखरेख के लिए स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी) बनाई जाती हैं। हालांकि, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है। उनका अस्तित्व पूरी तरह से पंजाब के शिक्षा क्षेत्र की बेहतरी में योगदान देने वाली किसी भी पहल का विरोध करने पर आधारित प्रतीत होता है।”

गर्ग ने डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट को एक भी ऐसा उदाहरण बताने की चुनौती दी जहां उन्होंने पंजाब में शिक्षा में सुधार की दिशा में सक्रिय रूप से काम किया हो। गर्ग ने जोर देकर कहा, “इस संगठन के गठन के बाद से क्या उन्होंने कभी बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन किया है? क्या उन्होंने कभी शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया है? क्या उन्होंने छात्रों को आगे की पढ़ाई तक पहुंच सुनिश्चित करने में कोई योगदान दिया है? जवाब नहीं है।”

उन्होंने फ्रंट पर सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए समुदायों, अभिभावकों और स्थानीय प्रतिनिधियों को शामिल करने के पंजाब सरकार के प्रयासों को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब भी सरकार पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में कदम उठाती है, ये तत्व उसे बदनाम करने के लिए आगे आते हैं।”

शैक्षिक सुधारों के प्रति आप की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए गर्ग ने सभी पंजाबियों से शिक्षा क्रांति लाने के राज्य के प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पूरी तरह से छात्रों के कल्याण पर केंद्रित है और किसी भी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जो लोग शिक्षा के मामले में भी क्षुद्र राजनीति करते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। पंजाब परिवर्तन के युग का गवाह बन रहा है और पंजाब के लोगों को बेहतर सरकारी स्कूलों के माध्यम से अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए।

Continue Reading
Advertisement

Trending