ब्रेकिंग न्यूज़
नये युग की शुरुआत करते हुये मुख्यमंत्री ने 11 खिलाडिय़ों को पी. सी. एस. और पी. पी. एस. की नौकरियाँ दीं
Nulla pariatur. Excepteur sint occaecat cupidatat non proident, sunt in culpa qui officia deserunt mollit anim id est laborum.

नये युग की शुरुआत करते हुये मुख्यमंत्री ने 11 खिलाडिय़ों को पी. सी. एस. और पी. पी. एस. की नौकरियाँ दीं
राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले 100 प्रतिशत खिलाडिय़ों को नौकरियाँ देने के लिए वचनबद्ध
देश की खडग़ भुजा और अनाज भंडार होने के अलावा पंजाब देश के लिए महान खिलाड़ी भी पैदा कर रहा है
खेलों और नशा- विरोधी मुहिम को जोड़ कर अगले वित्तीय साल में विशाल बजट रखने का ऐलान
नये युग की शुरुआत करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उन 11 खिलाडिय़ों को पी. सी. एस. और पी. पी. एस. के पदों के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे, जिन्होंने 40 सालों बाद हॉकी के क्षेत्र में देश के लिए कांस्य पदक जीता और क्रिकेट और शॉट पुट्ट के क्षेत्र में नाम कमाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है, जिस कारण उन्होंने यह समागम करवा कर अपनी सरकारी रिहायश में नये बने आडीटोरियम का उद्घाटन करने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद पहले लोग हॉकी की खेल प्रति उदासीन थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार ने देश और राज्य में इस खेल की पुरानी शान बहाल कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हॉकी के 9, क्रिकेट के एक और शॉट पुट्ट के एक खिलाड़ी समेत 11 खिलाडिय़ों को पी. सी. एस. और पी. पी. एस. की भर्ती के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन खिलाडिय़ों को पी. पी. एस. नियुक्त किया गया है, उनमें हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, वरुण कुमार, शमशेर सिंह और दिलप्रीत सिंह (हॉकी से) और हरमनप्रीत कौर (क्रिकेट) और तेजिन्दर तूर ( शॉट पुट्ट) शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि चार हॉकी खिलाडिय़ों रुपिन्दरपाल सिंह, सिमरनजीत सिंह, हार्दिक सिंह और गुरजंट सिंह को पी. सी. एस. नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रवास को उल्टा दौर आने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है क्योंकि विदेशों में बसे नौजवान पंजाब में सरकारी नौकरियाँ प्राप्त करने के लिए वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की पहलकदमी से खेल के क्षेत्र में भी यही ‘उल्टा रुझान’ शुरू हो जायेगा क्योंकि दूसरे राज्यों के खिलाड़ी पंजाब सरकार का हिस्सा बनने के लिए तैयार होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब हर क्षेत्र में देश भर में अग्रणी राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को न सिर्फ़ देश का अन्नदाता होने का मान हासिल है, बल्कि यह देश में प्रसिद्ध खिलाड़ी भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि समय- समय पर राज्य के खिलाडिय़ों ने अलग- अलग मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर कर देश का नाम रौशन किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बड़े मान और संतोष की बात है कि पंजाब देश के लिए धान की फ़सल पैदा करता है, जिसमें से 99 प्रतिशत हिस्सा दूसरे राज्यों को बेचा जा रहा है क्योंकि हम इसकी खपत नहीं करते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब, देश की खडग़ भुजा रहा है क्योंकि देश की सरहदों की रक्षा पंजाब के शूरवीर पुत्रों द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए मान की बात है कि पंजाबियों ने राष्ट्रीय आज़ादी संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज़ादी संग्रामियों ने हमेशा हमें देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता को कायम रखने के लिए अथाह बलिदान करने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री ने अफ़सोस ज़ाहिर किया कि पहले वाले मुख्यमंत्रियों को न तो राज्य और न ही इसके लोगों की चिंता थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने राज्य की दौलत को बेरहमी के साथ लूटा और लोगों का जीवन तबाह कर दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लोग खेल और खिलाडिय़ों के प्रति उदासीन रवैया रखते थे।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जिस तरह महान शहीदों को भारत रत्न पुरुस्कार देने से इस पुरुस्कार का मान बढ़ता है, उसी तरह राज्य सरकार खिलाडिय़ों को सम्मानित करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि महान शहीद सचमुच इस पुरुस्कार के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने देश को विदेशी चंगुल से मुक्त करवाने के लिए महान बलिदान दिये थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नामवर खिलाडिय़ों को यह नौकरियाँ देने से इन नौकरियों की प्रतिष्ठता बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और नशा विरोधी मुहिम को आपस में जोड़ेगी, जिसके लिए अगले वित्तीय वर्ष से बड़ा बजट रखा जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह अच्छी जानते हैं कि ‘ खाली दिमाग़ शैतान का घर होता है’, इसलिए नौजवानों को नौकरियाँ देने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है जिससे वह काम में व्यस्त रहने। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस में हर साल 2100 पदों की रेगुलर भर्ती के लिए इश्तिहार दिया जाता है, जिससे नौजवान सख़्त मेहनत करने और पुलिस में अफ़सर बनने के लिए प्रेरित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बढिय़ा प्रदर्शन करने वाले सभी 100 प्रतिशत खिलाडिय़ों को नौकरियाँ देने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशों के विरुद्ध राज्य सरकार की मुहिम में खेल सभ्याचार को उत्साहित करना सबसे प्रभावशाली साधन हो सकता है। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद ज़ाहिर की कि इससे राज्य में से नशों की बुराई को ख़त्म किया जायेगा और नौजवानों को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में बराबर का हिस्सेदार बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को विश्व स्तरीय सहूलतों देकर राज्य में खेल सभ्याचार को प्रफुल्लित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को विश्व स्तरीय ग्राउंड और अन्य बुनियादी ढांचा मुहैया करवाने के इलावा मुकाबलों की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों मुकाबलों में अच्छी कारगुज़ारी दिखाने में मदद मिलेगी।
इससे पहले खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने मुख्यमंत्री के इस पृथक प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि यह उभरते खिलाडिय़ों को भी बढिय़ा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस दौरान खिलाडिय़ों ने मुख्यमंत्री का इस प्रयास के लिए धन्यवाद भी किया। हॉकी खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह ने अपने विचार सांझा करते हुये कहा कि यह उसके लिए बहुत बड़ा दिन है, उन्होंने 2021 में पदक जीता था परन्तु आज यह नौकरी मिली है। यह मुख्यमंत्री के ख़ुद खेल प्रेमी होने के कारण संभव हुआ। हरमनप्रीत सिंह ने राज्य सरकार की तरफ से ‘खेडां वतन पंजाब दीयां’ की पहलकदमी की भी सराहना की।
एक अन्य खिलाड़ी रुपिन्दरपाल सिंह ने खिलाडिय़ों को पी. सी. एस. और पी. पी. एस. नौकरियां देने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पहली बार पी. सी. एस. खिड़ारियों को किसी राज्य सरकार की तरफ से सीधे तौर पर नियुक्त किया गया है। रुपिन्दरपाल सिंह ने कहा कि इससे खिलाडिय़ों को खेल के क्षेत्र में और भी बढिय़ा प्रदर्शन करने और देश का नाम रौशन करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

पंजाब
सांसद राघव चड्ढा ने भारत पर लगाए अमेरिकी टैरिफ और स्टारलिंक की एंट्री को लेकर केंद्र से पूछे तीखे सवाल, कहा- स्टारलिंक को “बर्गेनिंग चिप” की तरह करें इस्तेमाल*

राज्यसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने भारत में अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक की एंट्री और अमेरिका की तरफ से भारतीय सामान पर लगाए गए टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। चड्ढा ने स्टारलिंक को मंजूरी देने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और इसके संभावित दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की है। यह चर्चा उस समय हुई जब भारत सरकार स्टारलिंक को देश में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है।
सरकार ने गूगल टैक्स किया माफ
राघव चड्ढा ने अपने सवालों को बेहद जोरदार तरीके से संसद में रखते हुए कहा कि भारत ने हमेशा अमेरिका के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी दिखाई है। हाल ही में वित्त मंत्री द्वारा फाइनेंस एक्ट में संशोधन कर गूगल टैक्स यानी और इक्विलाइजेशन लेवी को हटाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इससे अमेरिकी कंपनियों जैसे मेटा, अमेजन और गूगल को फायदा मिला, लेकिन भारत को लगभग 3000 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ। लेकिन इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी का टैरिफ लगा दिया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। चड्ढा ने इसे भारत के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इससे हमारी जीडीपी पर 50 से 100 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है।
भारत-अमेरिका के रिश्तों पर कसा तंज
राघव चड्ढा ने कहा, “हमने अमेरिका का दिल जीतने के लिए सब कुछ किया। लेकिन बदले में अमेरिका ने 26 फीसदी टैरिफ लगाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका दिया। उन्होंने भारत-अमेरिका के रिश्तों पर तंज कसते हुए कहा, “अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का, यार ने ही लूट लिया घर यार का।”
स्टारलिंक को “बर्गेनिंग चिप” की तरह करें इस्तेमाल
राघव चड्ढा ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को दी जाने वाली मंजूरी रोकनी चाहिए और उसका इस्तेमाल अमेरिका से फिर से टैरिफ को लेकर बातचीत में “बर्गेनिंग चिप” के तौर पर करना चाहिए।
ड्रग तस्करों के पास से मिला था स्टारलिंक
अपने भाषण के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने स्टारलिंक को लेकर कुछ चिंताजनक घटनाओं का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के दौरान एलन मस्क ने खुद सोशल मीडिया पर कहा था कि “स्टारलिंक यूक्रेनियन आर्मी की रीढ़ है, अगर मैं इसे बंद कर दूं तो पूरी फ्रंटलाइन धराशायी हो जाएगी।”
उन्होंने कहा कि भारत को भी इससे सतर्क रहना चाहिए क्योंकि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा सर्वोपरि है।
उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि कुछ महीने पहले अंडमान में 6000 किलो सिंथेटिक ड्रग्स की जब्ती के दौरान यह पाया गया कि म्यांमार के ड्रग तस्करों ने नेविगेशन के लिए स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल किया था।
वहीं, जब भारत सरकार ने इस बारे में डेटा और डिवाइस की जानकारी स्टारलिंक से मांगी, तो कंपनी ने डेटा प्राइवेसी लॉ का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया।
कैसे निपटेगी भारत सरकार
राघव चड्ढा ने पूछा, “जब एक विदेशी कंपनी भारत के कानून और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं करती, तो ऐसे में सरकार क्या योजना बना रही है?” उन्होंने सरकार से दो प्रमुख सवाल पूछे – पहला, सरकार स्टारलिंक जैसी कंपनियों से आने वाले प्रतिरोध से कैसे निपटेगी? और दूसरा, सरकार सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के संभावित दुरुपयोग से कैसे निपटेगी?
सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि वे हर उस मुद्दे को सदन में उठाते रहेंगे, जो भारतीय हितों और भारत की आर्थिक संप्रभुता को प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सवाल किसी कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और डेटा नीति की मजबूती के लिए है।
पंजाब
खालिस्तानी समर्थक पन्नू को आप नेताओं ने दिया मुंह तोड़ जवाब

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने गुरपतवंत पन्नू द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ने वाले बयान की सख्त निंदा की है और उसे दलित, संविधान और देशविरोधी करार दिया।
जालंधर में आप नेता पवन कुमार टीनू ने इस मुद्दे पर आप विधायक बलकार सिंह और आप नेता राजविंदर कौर थियाड़ा, चंदन ग्रेवाल, आत्म प्रकाश बब्लू, दिनेश ढल्ल, चरणजीत चन्नी, दीपक शारदा और तरनदीप सिंह सनी के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।
टीनू ने कहा कि विदेश में बैठे भगोड़े गुरपतवंत पन्नू का घिनौना बयान सिर्फ बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ नहीं है। यह दलित भाईचारे और संविधान के भी खिलाफ है। डॉ भीमराव अंबेडकर सिर्फ दलित के नहीं बल्कि पूरे देश के हीरो हैं। डॉ अंबेडकर देश का संविधान बनाकर सभी लोगों को समानता का अधिकार दिया। अगर आज देश एक है तो वह संविधान के कारण है।
टीनू ने कहा कि गुरपतवंत पन्नू को डॉ अंबेडकर का देश के प्रति योगदान के बारे में कुछ नहीं पता है। उसे सिख धर्म के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि सिख धर्म ‘सरबत दा भला’ की बात करता है और सभी लोगों को एकसमान मानता है। गुरु गोविंद सिंह जी ने तो दलितों को ‘रंगरेटा गुरु का बेटा’ का खिताब दिया था।
उन्होंने कहा कि पन्नू अमेरिका में बैठकर अक्सर भारत को तोड़ने की बातें करता है, लेकिन हम उसे चुनौती देते हैं कि अगर इतने ही बहादुर हो तो भारत आओ और यहां आकर अपनी बात रखो। वहां बैठकर यहां के लोगों को मत भड़काओ। टीनू ने कहा कि जो उसने धमकियां दी है उसका जवाब आम आदमी पार्टी ठोक कर देगी।
टीनू ने सवाल उठाया कि कुछ लोग अक्सर दलित अंबेडकर और संविधान विरोधी बातें सार्वजनिक तौर पर करते हैं और समाज का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। इसलिए भारत सरकार को यह पता लगाकर रह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे लोगों के उसके पीछे कौन सी एजेंसी या कौन सी राजनीतिक शक्ति काम कर रही है।
हमारी केंद्र सरकार से भी अपील है कि अगर पन्नू केंद्र की एजेंसियों की कठपुतली नहीं है तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई कर उसको भारत लेकर आना चाहिए। आप नेता ने गृहमंत्री अमित शाह के संसद में दिए डॉक्टर अंबेडकर के खिलाफ दिए अपमानजनक बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि इन बयानों से काफी संदेह पैदा होता है। इसलिए केंद्र सरकार को इसपर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और इस मामले की गहनता पूर्वक जांच करनी चाहिए।
मीडिया को संबोधित करते हुए आप विधायक बलकार सिंह ने कहा कि पन्नू पंजाब का माहौल और आपसी भाईचारा खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर ने सिर्फ दलितों को ही अधिकार नहीं दिया है, उन्होंने सभी धर्मों और जाति के लोगों को संवैधानिक तौर पर वोट डालने का अधिकार समेत अन्य मूल अधिकार दिया। इसलिए पन्नू का बयान उसकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि 14 तारीख को उसने बाबासाहेब की मूर्तियों को तोड़ने की जो धमकी दी है, उसे हम नाकाम करेंगे। पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता डॉ अंबेडकर की मूर्ति के पास पहरा देंगे उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे।
पंजाब
आप का पलटवार – “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहल का राजनीतिकरण क्यों?” डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पर साधा निशाना!

आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में सरकारी स्कूलों में सुधार लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण शिक्षा सुधारों का विरोध करने के लिए डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की कड़ी आलोचना की है। आप के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए की गई पहल का राजनीतिकरण करने के प्रयास के लिए टीचर्स फ्रंट की निंदा की।
नील गर्ग ने कहा कि अगर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट को राजनीति में इतनी दिलचस्पी है, तो उसे पंजाब की शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलावों में बाधा डालने के बजाय खुले तौर पर खुद को एक राजनीतिक पार्टी घोषित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, सरकारी स्कूलों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देना स्थानीय प्रतिनिधियों और गांव के सरपंचों से लेकर विधायकों तक की जिम्मेदारी है। स्कूल के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक मानकों के उत्थान के लिए उनकी भागीदारी आवश्यक है।
पंजाब सरकार के नवीनतम निर्देश पर प्रकाश डालते हुए गर्ग ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की निगरानी अब विधायकों और मंत्रियों द्वारा की जा रही है, जो विकास कार्यों की समीक्षा करने और पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इसे एक प्रगतिशील कदम बताया जो जवाबदेही सुनिश्चित करता है और सरकारी स्कूलों के समग्र प्रशासन में सुधार करता है।
गर्ग ने कहा, “यह पहल शिक्षा प्रणाली में सार्वजनिक और सामुदायिक भागीदारी को काफी मजबूत करेगी। शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल मामलों की देखरेख के लिए स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी) बनाई जाती हैं। हालांकि, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है। उनका अस्तित्व पूरी तरह से पंजाब के शिक्षा क्षेत्र की बेहतरी में योगदान देने वाली किसी भी पहल का विरोध करने पर आधारित प्रतीत होता है।”
गर्ग ने डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट को एक भी ऐसा उदाहरण बताने की चुनौती दी जहां उन्होंने पंजाब में शिक्षा में सुधार की दिशा में सक्रिय रूप से काम किया हो। गर्ग ने जोर देकर कहा, “इस संगठन के गठन के बाद से क्या उन्होंने कभी बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन किया है? क्या उन्होंने कभी शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया है? क्या उन्होंने छात्रों को आगे की पढ़ाई तक पहुंच सुनिश्चित करने में कोई योगदान दिया है? जवाब नहीं है।”
उन्होंने फ्रंट पर सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए समुदायों, अभिभावकों और स्थानीय प्रतिनिधियों को शामिल करने के पंजाब सरकार के प्रयासों को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब भी सरकार पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में कदम उठाती है, ये तत्व उसे बदनाम करने के लिए आगे आते हैं।”
शैक्षिक सुधारों के प्रति आप की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए गर्ग ने सभी पंजाबियों से शिक्षा क्रांति लाने के राज्य के प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पूरी तरह से छात्रों के कल्याण पर केंद्रित है और किसी भी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जो लोग शिक्षा के मामले में भी क्षुद्र राजनीति करते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। पंजाब परिवर्तन के युग का गवाह बन रहा है और पंजाब के लोगों को बेहतर सरकारी स्कूलों के माध्यम से अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए।
-
पंजाब6 days ago
पिछली सरकार ने खनन माफियाओं के साथ गठजोड़ बनाकर सरकारी खजाने का पैसा लूटा : अमन अरोड़ा
-
पंजाब6 days ago
दिन 28: पंजाब पुलिस ने 436 छापों के बाद 56 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया
-
पंजाब1 week ago
सीएम मान ने मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए गैरजिम्मेदाराना बयान देने पर कांग्रेस नेताओं की खिंचाई की
-
पंजाब1 week ago
मानसा के चकेरिया गांव में बनेगा नया जलघर : मुंडियां
-
पंजाब6 days ago
डायल 112 Service में 178 करोड़ रुपये की लागत से सुधार; पुलिस का लक्ष्य आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को घटाकर 8 मिनट करना
-
पंजाब4 days ago
अगर हम देश को बदलना चाहते हैं, तो हमें अपने युवाओं की आवाज सुननी होगी: मनीष सिसोदिया
-
पंजाब4 days ago
पंजाब सरकार ने ड्रग तस्करों से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9779100200 जारी किया
-
पंजाब4 days ago
‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ : अब तक 2680 एफआईआर दर्ज, 4542 तस्कर गिरफ्तार, 164 किलो हेरोइन, 88 किलो अफीम, 47 किलो गांजा और 5.84 करोड़ नगद जब्त