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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के प्रबंधों की समीक्षा की

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को अधिकारियों को 25,26 और 27 दिसंबर को श्री फतेहगढ़ साहिब में आयोजित होने वाली शहीदी सभा के लिए पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए कहा। अपने सरकारी आवास पर शहीदी सभा के प्रबंधों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सड़कों की मरम्मत के लिए पहले ही धनराशि आवंटित कर दी है और काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाली हर सड़क पर हेल्पलाइन सेंटर स्थापित करने के लिए कहा ताकि सभा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि श्री फतेहगढ़ साहिब का हर कोना सीसीटीवी कैमरों की जद में हो ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शहीदी सभा के दौरान हर साल हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभा के दौरान शहर की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि न केवल सिखों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है क्योंकि सभी लोग हर साल छोटे साहिबजादों और माता गुजरी को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के लिए यहां एकत्रित होते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि शहीदी सभा के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह समयबद्ध तरीके से पूरा हो। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पवित्र भूमि पर माता गुजरी जी के साथ साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की शहादत ने सदियों से पंजाबियों को अन्याय, अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि छोटी सी उम्र में छोटे साहिबजादों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान की विश्व इतिहास में शायद ही कोई मिसाल मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि हर साल शहीदी सभा के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, इसलिए राज्य सरकार इस शहर का पूर्ण रूप से कायाकल्प कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थान पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार का कर्तव्य है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवहार्य तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए कि किसी भी तीर्थयात्री को अपनी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।