पंजाब
हरजिंदर सिंह धामी लगातार चौथी बार चुने गए एसजीपीसी अध्यक्ष, कही ये बड़ी बात

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पदाधिकारियों के वार्षिक चुनाव के बाद एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को आज लगातार चौथी बार अध्यक्ष चुना गया। एसजीपीसी मुख्यालय स्थित तेजा सिंह समारी हॉल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में आयोजित एसजीपीसी आम सभा की बैठक में कुल 142 मतों में से 107 मत प्राप्त कर हरजिंदर सिंह धामी ने जीत हासिल की। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाली बीबी जागीर कौर को 33 मत मिले, जबकि 2 मत खारिज हो गए।
अधिवेशन के दौरान सचखंड श्री हरमंदर साहिब के हेड ग्रंथी, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह और एसजीपीसी के 142 सदस्य मौजूद थे।
आम सभा के दौरान रघुजीत सिंह विर्क को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बलदेव सिंह कल्याण को कनिष्ठ उपाध्यक्ष और शेर सिंह मंडवाला को महासचिव चुना गया। 11 सदस्यीय एसजीपीसी कार्यकारिणी सदस्यों में बीबी हरजिंदर कौर, अमरीक सिंह वछोआ, सुरजीत सिंह तुगलवाल, परमजीत सिंह खालसा, सुरजीत सिंह गढ़ी, बलदेव सिंह कायमपुर, दलजीत सिंह भिंडर, सुखहरप्रीत सिंह रोडे, रविंदर सिंह खालसा, जसवंत सिंह पुरैन और परमजीत सिंह रायपुर शामिल हैं। इसके साथ ही एसजीपीसी सदस्य कुलवंत सिंह मन्ना को मानद मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। अध्यक्ष चुने जाने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय को यह महान सेवा गुरु की कृपा से मिली है, जिसे वह गुरु के भय, विनम्रता और पंथक भावनाओं के तहत पूरा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल के चुनाव में पंजाब की आप सरकार के साथ-साथ भारत सरकार, भाजपा, आरएसएस और कांग्रेस ने काफी दबाव डाला, लेकिन एसजीपीसी सदस्यों ने अपनी मातृ पार्टी शिरोमणि अकाली दल के साथ मजबूती से खड़े होकर एक मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पंथ विरोधी ताकतों को स्पष्ट जवाब हैं।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के सदस्यों और समूचे नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है, जिसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष ने शिरोमणि अकाली दल की योजनाओं और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि धर्म प्रचार पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा और स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव कल्याण गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षाएं मानव जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सिख सिद्धांतों पर दृढ़ता और उसके अनुसार जीवन जीना प्रत्येक सिख के लिए जरूरी है और इसके प्रचार-प्रसार को एजेंडे में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने सभी सिख संप्रदायों और संगठनों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि धर्म प्रचार का कार्य समूचे समुदाय का संयुक्त प्रयास होना चाहिए, जिसके लिए वे सभी आगे आएंगे। एडवोकेट धामी व अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों ने गुरु का धन्यवाद किया।
एसजीपीसी अध्यक्ष चुने जाने के बाद हरजिंदर सिंह धामी व अन्य पदाधिकारियों ने श्री हरमंदर साहिब में माथा टेका और गुरु का धन्यवाद किया, जहां उन्हें हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने सिरोपा भेंट किया।
हरजिंदर सिंह धामी व पदाधिकारी गुरु का धन्यवाद करने अकाल तख्त साहिब भी गए। इसके बाद एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने पदभार ग्रहण किया और सभी पंथक दलों को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता जताई।
एसजीपीसी की आम सभा की बैठक के दौरान हरजिंदर सिंह धामी का नाम पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर ने प्रस्तावित किया, जिसका समर्थन भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल व अलविंदरपाल सिंह पखोके ने किया। बीबी जागीर कौर का नाम अमरीक सिंह शाहपुर ने प्रस्तावित किया, जिसका समर्थन मिट्ठू सिंह काहनेके व सतविंदर सिंह टोहरा ने किया।